Artikel Terbaru

recentpost

गॉड पार्टिकल (भाग - 1), God Particle ( part - 1 )


आज मैं आपको गॉड पार्टिकल के बारे कुछ बताना चाहता हूँ कि गॉड पार्टिकल एक कण है। जिसे जिनेवा स्थित दुनिया की सबसे बड़ी प्रयोगशाला सर्न में मौजूद लार्ज हेड्रोन कोलइडर में खोजा गया है। गॉड पार्टिकल वह सन एटामिक पार्टिकल है जिसे ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति का सूत्र माना जाता है।

गॉड पार्टिकल का वैज्ञानिक नाम "हिग्स बोसोन" है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ब्रह्माण्ड के अस्तित्व में आने से पहले सब कुछ हवा में तैर रहा था किसी चीज़ का कोई तय आकार या वजन नहीं था तभी गॉड पार्टिकल या हिग्स बोसोन भारी ऊर्जा लेकर आया और सभी तत्व आपस में जुड़ने लगे।

गॉड पार्टिकल का हिग्स बोसोन नाम इस प्रकार पड़ा है कि इसमें एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर पीटर हिग्स  ने 48 साल पहले "हिग्स पार्टिकल" के अस्तित्व की परिकल्पना की थी। ये "बोसोन" नामक आणाविक तत्व की श्रेणी में आते है जो ज्यादा देर तक नहीं ठहर पाते , लेकिन इनमें अत्यधिक ऊर्जा होती है। बोसोन की खोज का श्रेय भारतीय वैज्ञानिक सतेंद्र बोस को जाता है। इसलिए 'हिग्स पार्टिकल" को दोनों वैज्ञानिकों के नाम पर 'हिग्स बोसोन" नाम दिया गया। बोस 1920 के दशक के सबसे बेहतरीन भौतिक शास्त्री थे। 4 फरवरी 1974 को उनका निधन हो गया था।

ब्रह्माण्ड में सभी तारे ग्रहों और जीवन को अस्तित्व में लाने में एक महत्वपूर्ण एजेंट की भूमिका में हिग्स बोसोन रहा है। हिग्स बोसोन ब्रह्माण्ड निर्माण में अन्य सभी बुनियादी पार्टिकल्स को 'मास' यानि द्रव्यमान उपलब्ध कराता है।

ऐसा भी माना जाता है कि "हिग्स किल्ड" अदृश्य रूप में समूचे ब्रह्माण्ड में उपस्थित है इस फील्ड से जुड़ा सिद्धांत पहली बार 1960 में ब्रिटिश वैज्ञानिक पीटर हिग्स ने दिया था।

2 comments


EmoticonEmoticon