इंटीग्रेटेड सर्किट(intergrated circuit)(I.C)


इंटीग्रेटेड सर्किट(intergrated circuit)(I.C)

एक इंटीग्रेटेड सर्किट पर सम्पूर्ण इलेक्ट्रॉनिक परिपथ होता हैं जिसमें सक्रिय और निष्क्रिय घटको(active and passive components) को एक ही सिलिकॉन क्रिस्टल की चिप (single and silicon cyrstal chip) पर बनया जाता है|

सिलिकॉन चिप का area लगभग 50 x 50 miles होता हहैं|



इंटीग्रेटेड सर्किट के लाभ

1)IC सस्ते होते हैं(Low cost)

IC को बनाने में batch processing का प्रयोग किया जाता हैं| एक ही प्रकार की IC भारी संख्या में एक साथ बनाये जाते हैं| इससे लाभ यह होता है कि महंगे उपकरणों व महंगी विधियों(methods) के प्रयोग के बावजूद प्रत्येक IC मूल्य बहुत कम रहता हैं|


2)छोटा आकार(Small size)


इलेक्ट्रॉनिक सर्किट बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक घटकों को अलग-अलग लेकर सोल्डरिंग विधि से जोड़ते है | तो सर्किट का आकार बड़ा हो जाता है| IC की हेल्प से बड़े सर्किट्स को छोटी-सी सिलिकॉन चिप पर बनाया जा सकता है|


3)उच्च विश्वसनीयता(High realibilty)


IC मे सभी घटक एक साथ बनाये जाते है और सोल्डरिंग(joints) नहीं होते, IC सर्किट की reliability अधिक होती है|


4)कम विधुत ऊर्जा का व्यय(Less power consumption)


पुराने computers के बड़े आकार और switching के कारण उनमें अधिक ऊर्जा व्यय होती है| IC छोटे होते है| और उनमे parasitic capacitance भी कम होता है| इसलिए इसमें कम ऊर्जा व्यय होती है|


5)उच्च स्पीड(High speed)


IC के छोटे आकार व कम parasitic capacitance के कारण सिस्टम की स्पीड मे काफी सुधार हुआ है| 


IC छोटे होने के कारण इनकी हेल्प से मोबाइल फ़ोन, पर्सनल कंप्यूटर, माइक्रो कंप्यूटर पर based प्रिंटर, इंडस्ट्रियल रोबोट, ऑटोमोबाइल, कपड़े सिलने की मशीन, विडियो गेम्स, कैमरे, इलेक्ट्रॉनिक घड़िया, इलेक्ट्रॉनिक ताले आदि बनाये जा रहे है|



IC (Intergrated circuit) के प्रकार

A)IC को बनाने मे प्रयोग मे लाए गए methods के based पर


1) मोनोलिथिक IC

मोनोलिथिक ग्रीक भाषा से लिया गया है, मोनो का अर्थ है एक और लिथिक का अर्थ है पत्थर | monolithic का यहा पर तात्पर्य यह है कि monolithic IC मे केवल एक सिलिकॉन का wafer अर्थात पतली परत लेकर उस पर पूरा सर्किट बनाया जाता है|


2) थिन फिल्म IC

इसमें पतला सब्सट्रेट लेकर उस पर प्रतिरोधक और संधारित्र जैसे पदार्थ की सतह बनाई जाती है| इसमें ट्रांजिस्टर नहीं बनाये जाते, इसका उपयोग सबसे कम किया जाता है|


3) हाइब्रिड IC

हाइब्रिड का मतलब होता मिला जुला, इसमें monolithic और थिन फिल्म का मिश्रण होता है|


B)कार्य करने के आधार पर

1) रेखीय या एनालॉग IC

इनका आउटपुट इनके इनपुट के proportional होता है| इनका वोल्टेज का level बदलने पर आउटपुट का level भी उसी के अनुसार बदलता है|


2) अरेखीय या डिजिटल IC

डिजिटल IC मे इनपुट और आउटपुट के केवल दो conditions होती है- हाई और लो

अनुप्रयोग(Applications)


रेखीय  या एनालॉग  IC के अनुप्रयोग



1)ऑडियो आवृत्ति और रेडियो आवृत्ति amplifier मे |
2)डी.सी amplifier मे |
3)विडियो amplifier मे |
4)modulator मे |
5)वोल्टेज रेगुलेटर मे |


अरेखीय या डिजिटल IC के अनुप्रयोग


1)लॉजिक सर्किट मे |
2)कंप्यूटर मे |
3)मेमोरी मे |
4)कैलकुलेटर मे |









IC के प्रकार a)IC को बनाने मे प्रयोग मे लाए गए methods के based पर 1)मोनोलिथिक IC मोनोलिथिक ग्रीक भाषा से लिया गया है, मोनो का अर्थ है एक और लिथिक का अर्थ है पत्थर | monolithic का यहा पर तात्पर्य यह है कि monolithic IC मे केवल एक सिलिकॉन का wafer अर्थात पतली परत लेकर उस पर पूरा सर्किट बनाया जाता है| 2)थिन फिल्म IC इसमें पतला सब्सट्रेट लेकर उस पर प्रतिरोधक और संधारित्र जैसे पदार्थ की सतह बनाई जाती है| इसमें ट्रांजिस्टर नहीं बनाये जाते, इसका उपयोग सबसे कम किया जाता है| 3)हाइब्रिड IC हाइब्रिड का मतलब होता मिला जुला, इसमें monolithic और थिन फिल्म का मिश्रण होता है| b)कार्य करने के आधार पर 1)रेखीय या एनालॉग IC इनका आउटपुट इनके इनपुट के proportional होता है| इनका वोल्टेज का level बदलने पर आउटपुट का level भी उसी के अनुसार बदलता है| 2)अरेखीय या डिजिटल IC डिजिटल IC मे इनपुट और आउटपुट के केवल दो conditions होती है- हाई और लो, अनुप्रयोग(Applications) रेखीय या एनालॉग IC के अनुप्रयोग 1)ऑडियो आवृत्ति और रेडियो आवृत्ति amplifier मे | 2)डी.सी amplifier मे | 3)विडियो amplifier मे | 4)modulator मे | 5)वोल्टेज रेगुलेटर मे | अरेखीय या डिजिटल IC के अनुप्रयोग 1)लॉजिक सर्किट मे | 2)कंप्यूटर मे | 3)मेमोरी मे | 4)कैलकुलेटर मे |

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